लखनऊ, 2 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में 20 मार्च 2017 से अब तक अपराध और संगठित आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के आंकड़े सरकार ने जारी किए हैं। पुलिस के अनुसार इस अवधि में 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और करीब 15,233 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध चल-अचल संपत्तियां जब्त की गईं।
पुलिस के मुताबिक इसी अवधि में हुई मुठभेड़ों में 303 अपराधी मारे गए और 12,202 घायल हुए। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत 995 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
साइबर अपराध में 874.58 करोड़ रुपये फ्रीजसाइबर अपराध के मामलों में कार्रवाई के तहत अगस्त 2019 से जून 2026 तक साइबर अपराध पोर्टल और हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से 874 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की धनराशि फ्रीज या होल्ड कराई गई। पुलिस के अनुसार मार्च 2026 की साइबर अपराध संबंधी रैंकिंग में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा।
प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा सभी जिलों के पुलिस थानों में साइबर सेल और हेल्प डेस्क स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस का कहना है कि इन व्यवस्थाओं के जरिए साइबर ठगी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई और संदिग्ध खातों में पहुंची रकम को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
68 चिह्नित माफिया और गिरोहों पर कार्रवाईप्रदेश स्तर पर चिह्नित 68 माफिया और उनके गिरोह के सदस्यों व सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इनके विरुद्ध 909 मुकदमे दर्ज किए गए और 651 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में कार्रवाई के अलग-अलग आयामों—गिरफ्तारी, मुठभेड़, गैंगस्टर एक्ट, एनएसए, संपत्ति जब्ती और साइबर अपराध में धनराशि फ्रीज करने—का विवरण दिया गया है। ये आंकड़े 20 मार्च 2017 से संबंधित अवधि और साइबर अपराध के लिए अगस्त 2019 से जून 2026 तक की अवधि को दर्शाते हैं।
यूपी में साइबर अपराध में 874.58 करोड़ रुपये फ्रीज; गैंगस्टर एक्ट में 87,835 पर कार्रवाई
यूपी में 23,601 इनामी अपराधी गिरफ्तार, 15,233 करोड़ की संपत्ति जब्त, साइबर अपराध में 874.58 करोड़ रुपये फ्रीज; गैंगस्टर एक्ट में 87,835 पर कार्रवाई
परमात्मा प्रसाद उपाध्याय
टिप्पणियां
टिप्पणी करने के लिए रीडर लॉगिन करें।