नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार, 14 अक्टूबर को IDBI Bank के रणनीतिक पुनर्गठन को मंजूरी दे दी। इसके तहत कनाडा की Fairfax Financial Holdings को बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में बेची जाएगी।
इस सौदे के पूरा होने के बाद, बैंक में सरकार की 15% हिस्सेदारी बनी रहेगी, सरकार अपनी 30.48%हिस्सेदारी बेच रही है, जबकि एलआईसी (LIC) अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेच रही है और उसके पास 19% हिस्सेदारी बची रहेगी ।
रिपोर्ट के अनुसार, IDBI Bank लंबे समय तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में काम करता रहा। बैंक की खराब वित्तीय स्थिति के चलते LIC उसका प्रवर्तक बना और जनवरी 2019 में बैंक निजी बैंक बन गया।
अब प्रस्तावित रणनीतिक पुनर्गठन से बैंक के स्वामित्व ढांचे में एक और बड़ा बदलाव होगा। हालांकि, सौदे की मंजूरी और उसके अंतिम रूप से पूरा होने के बीच अंतर है। रिपोर्ट में मार्च 2027 को सौदा पूरा होने की अपेक्षित समय सीमा बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, Fairfax द्वारा हस्ताक्षरित शेयर खरीद समझौते में सौदा पूरा होने की तारीख से तीन साल तक IDBI Bank का नाम नहीं बदलने की शर्त है। नई प्रमुख हिस्सेदार के रूप में Fairfax को इस अवधि में बैंक का मौजूदा नाम बनाए रखना होगा।
इस सौदे के प्रभावों का आकलन अंतिम लेनदेन पूरा होने और उसके बाद बैंक के संचालन से जुड़ी जानकारी मिलने पर ही किया जा सकेगा।
कनाडा की Fairfax बनेगी IDBI Bank की रणनीतिक खरीदार, ₹52,878 करोड़ में 60.72% हिस्सेदारी बेचने को कैबिनेट की मंजूरी
केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की संयुक्त हिस्सेदारी की बिक्री को मंजूरी मिली। सौदा मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। बिक्री के बाद भी केंद्र और LIC बैंक में हिस्सेदार बने रहेंगे।
Firstclip desk
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