नागोया (जापान)lआइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने शानदार अभियान को जारी रखते हुए खिताबी मुकाबले में जगह बना ली है। बुधवार को खेले गए कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने रक्षात्मक मजबूती और आक्रामक खेल का बेजोड़ तालमेल दिखाते हुए दक्षिण कोरिया को 2-0 से मात दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम पूरे 44 वर्षों बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने से महज एक कदम दूर है।
मैच का रोमांच: हाफ-टाइम के बाद टूटा गतिरोध
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। पहले दो क्वार्टर में कोरियाई डिफेंस ने भारतीय हमलों को लगातार नाकाम किया, जिसके चलते मध्यांतर तक स्कोर 0-0 की बराबरी पर रहा।तीसरे क्वार्टर के 44वें मिनट में भारत को मिले पेनल्टी कॉर्नर पर इशिका चौधरी ने रिबाउंड पर सटीक ड्रैग-फ्लिक लगाकर गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाकर भारत को 1-0 की अहम बढ़त दिलाई। इसके बाद अंतिम क्वार्टर में दबाव बना रही कोरियाई टीम की गलतियों का फायदा उठाते हुए कप्तान सलीमा टेटे ने 56वें मिनट में शानदार फील्ड गोल दागकर भारत की 2-0 से जीत सुनिश्चित कर दी। भारतीय गोलकीपर और डिफेंस ने पूरे 60 मिनट तक अनुशासित खेल दिखाया और विपक्षी टीम को एक भी गोल करने का अवसर नहीं दिया।
44 साल के सूखे को खत्म करने की दहलीज
भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए यह मुकाबला ऐतिहासिक मुकाम हासिल करने का सुनहरा अवसर लेकर आया है। भारत ने एशियन गेम्स के इतिहास में महिला हॉकी का एकमात्र स्वर्ण पदक 1982 के नई दिल्ली एशियाई खेलों में जीता था। 1998 और 2018 के संस्करणों में टीम रजत पदक तक पहुंची थी, जबकि पिछले संस्करण में कांस्य से संतोष करना पड़ा था। अब टीम के पास चार दशकों से चले आ रहे स्वर्ण पदक के इंतजार को खत्म करने का सबसे बड़ा मौका है।
फाइनल में मौजूदा चैंपियन चीन से टक्कर
स्वर्ण पदक के महामुकाबले में भारत का सामना गत चैंपियन चीन से होगा। चीन ने दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान जापान को पेनल्टी शूटआउट में हराकर फाइनल का टिकट कटाया है। भारत और चीन के बीच यह खिताबी भिड़ंत शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को खेली जाएगी।