काठमांडू। भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ से हुई तबाही और हिमालय में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की पड़ताल के लिए नेपाल की प्रतिनिधिसभा ने विशेष संसदीय समिति गठित की है। समिति की कमान गणेश पराजुली को सर्वसम्मति से सौंपी गई है। बुधवार को सभामुख डीपी अर्याल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
समिति को पहली बैठक से तीन महीने के भीतर बाढ़ के कारणों, घटनाक्रम और नुकसान का अध्ययन कर सरकार को ठोस सुझाव देने हैं। इसके कार्यादेश में जलवायु परिवर्तन, सीमापार जलाधार और निचले इलाकों पर पड़े प्रभाव की वैज्ञानिक आधार पर समीक्षा भी शामिल है।समिति बाढ़ के बाद खोज-बचाव, लापता लोगों, राहत, अस्थायी आवास, आजीविका और पुनर्वास की स्थिति की समीक्षा करेगी। क्षतिग्रस्त सड़क, पुल, आवास, ऊर्जा, पेयजल और सिंचाई ढांचे के सुरक्षित पुनर्निर्माण के लिए जोखिम आकलन और समयसीमा सहित रोडमैप सुझाने की जिम्मेदारी भी उसे दी गई है।
हिमताल, नदियों, वर्षा और भूस्खलन की निगरानी तथा पूर्व चेतावनी प्रणाली मजबूत करने के उपाय भी समिति सुझाएगी। साथ ही जलवायु वित्त, नुकसान-क्षति के दस्तावेजीकरण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल की जलवायु संबंधी मांगों के लिए आधार तैयार करने का कार्यादेश दिया गया है।
पराजुली ने कहा कि समिति स्पष्ट कार्ययोजना और समयसीमा के साथ तथ्य आधारित, व्यावहारिक और लागू किए जा सकने वाले सुझावों वाली रिपोर्ट प्रतिनिधिसभा में पेश करेगी। तत्काल कार्रवाई वाले मामलों में अंतरिम सिफारिशें देने की बात भी उन्होंने कही।