काठमांडू। नेपाली कांग्रेस में संगठनात्मक संकट और विभाजन की आशंका के बीच पूर्व सभापति शेरबहादुर देउवा के लंबे समय तक करीबी रहे पूर्णबहादुर खड़का ने अपनी राजनीतिक भूमिका को फिलहाल अलग रखा है। कभी देउवा के प्रमुख विश्वासपात्र माने जाने वाले खड़का अब न तो देउवा खेमे की गतिविधियों में सक्रिय हैं और न ही वर्तमान सभापति गगन थापा के पक्ष में खुले तौर पर खड़े दिखाई दे रहे हैं।
जेन-जी आंदोलन के बाद देउवा के सिंगापुर रवाना होने से पहले पार्टी नेतृत्व की जिम्मेदारी खड़का को सौंपे जाने को दोनों नेताओं की निकटता के उदाहरण के तौर पर देखा गया था। लेकिन हाल के घटनाक्रमों में खड़का ने देउवा समर्थक असंतुष्ट समूह से दूरी बना ली। गत 7 असार को चुनदेवी में इसी समूह के संपर्क कार्यालय का उद्घाटन हुआ था, जहां खड़का ने कार्यालय का ताला खोला था। बाद में उन्होंने समूह की बैठकों और गतिविधियों में भाग लेना बंद कर दिया।
साउन के अंतिम चरण में खड़का की अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय भेला की तारीख तय की गई थी। वह भेला के उद्घाटन में भी पहुंचे, लेकिन इसके बाद समूह की बैठकों से दूर रहे। खड़का के करीबी नेताओं के मुताबिक, देउवा खेमे की ओर से शशांक कोइराला को संयोजक बनाकर समानांतर महाधिवेशन प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने के बाद उन्होंने दूरी बनाई।
खड़का का कहना है कि वह पार्टी विभाजन के पक्ष में नहीं हैं। 29 भदौ को गोल्फुटार स्थित उनके निवास पर हुई बैठक के बाद 31 नेताओं के संस्थापन पक्ष की महाधिवेशन प्रक्रिया में शामिल होने की बात सामने आई। नेता श्याम घिमिरे ने भी कहा कि खड़का की सलाह के बाद वे संस्थापन पक्ष में खड़े हुए।
इसके बावजूद खड़का ने 3 असोज को बयान जारी कर महाधिवेशन की किसी भी प्रक्रिया में अपनी भागीदारी से इनकार किया। उन्होंने कांग्रेस को विभाजन के मुहाने से वापस लाने, पार्टी के पुनरावलोकन और पुनर्गठन को प्राथमिकता देने की बात कही।
उनकी दूरी का एक प्रमुख कारण सर्वोच्च अदालत में विचाराधीन आधिकारिकता का मामला भी बताया जा रहा है। खड़का के अनुसार, मामले में उनका अपना हस्ताक्षर होने के कारण किसी एक पक्ष की महाधिवेशन प्रक्रिया में खुलकर शामिल होना नैतिक रूप से उचित नहीं है।
देउवा की वापसी के बाद दोनों नेताओं की एक मुलाकात की बात सामने आई है। वहीं, गगन थापा से खड़का की कम से कम दो बार मुलाकात हो चुकी है। इसके बावजूद उन्होंने किसी खेमे के पक्ष में खुली सक्रियता नहीं दिखाई है। उनका मौजूदा रुख फिलहाल पार्टी एकता, कानूनी प्रक्रिया और संगठन के पुनर्गठन के इर्द-गिर्द केंद्रित दिखाई देता है।
देउवा के करीबी खड़का ने बनाई दूरी, कांग्रेस में बढ़ी हलचल: नेपाल
समानांतर महाधिवेशन से असहमति, अदालत में मामला लंबित होने का हवाला; न देउवा खेमे में सक्रिय, न थापा के साथ खुले तौर पर
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