खुनुवा/सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा के खुनुवा बॉर्डर पर दो ट्रकों से भारी मात्रा में कद्दू बीज मगज और अखरोट बरामद होने के बाद सीमा पर मालवाहक वाहनों की जांच व्यवस्था को लेकर मामला गंभीर हो गया है। एसएसबी, पुलिस और कस्टम की संयुक्त टीम ने गुरुवार रात संदेह के आधार पर नेपाल से लौट रहे दो ट्रकों को रोका। कस्टम चेकपोस्ट पर वाहनों के पहियों में अपेक्षाकृत अधिक दबाव मिलने के बाद गहन तलाशी ली गई, जिसमें वाहनों के अंदर छिपाकर रखा गया माल सामने आया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों ट्रक नेपाल से फ्लाई ऐश मटेरियल खाली कर भारत लौट रहे थे। जांच के दौरान एक वाहन से 40-40 किलो की 346 बोरियों में कुल 13.84 टन कद्दू बीज मगज बरामद किया गया। दूसरे वाहन से करीब 10-10 किलो के लगभग 500 पैकेट अखरोट मिलने की जानकारी सामने आई है। अखरोट के पैकेटों की संख्या और कुल वजन की विस्तृत पुष्टि के लिए कस्टम स्तर पर जांच की जा रही है।
पहियों का दबाव बढ़ने पर हुआ शकदोनों वाहन नेपाल से लौटने के बाद खुनुवा कस्टम चेकपोस्ट पर सामान्य जांच के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान जांच टीम को वाहनों के पहियों पर अपेक्षाकृत अधिक दबाव महसूस हुआ। इससे वाहनों के खाली होने के दावे पर संदेह हुआ और उनकी गहन तलाशी शुरू की गई।
तलाशी के दौरान वाहनों के अंदर छिपाकर रखा गया कद्दू बीज मगज और अखरोट बरामद हुआ। दोनों वाहनों को गुरुवार रात कस्टम कार्यालय के सामने खड़ा करा दिया गया। शुक्रवार सुबह अधिकारियों ने वाहनों से माल निकालकर उसकी गिनती और वजन की प्रक्रिया शुरू की।
एक ट्रक में 346 बोरियों में मिला बीज मगजपहले ट्रक से 40 किलोग्राम वजन वाली 346 बोरियां बरामद की गईं। इन सभी बोरियों का कुल वजन करीब 13.84 टन बताया गया है। दूसरे ट्रक से करीब 500 पैकेट अखरोट मिलने की जानकारी है। इन पैकेटों का वजन लगभग 10 किलोग्राम प्रति पैकेट बताया जा रहा है।बरामद माल की बाजार कीमत करोड़ों रुपये होने का अनुमान जताया जा रहा है। हालांकि, माल की वास्तविक कीमत का आधिकारिक आकलन कस्टम विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कार्रवाई के दौरान चालक और खलासी फरारसंयुक्त टीम की कार्रवाई के दौरान दोनों वाहनों के चालक और खलासी मौके से फरार हो गए। इसके बाद जांच एजेंसियों ने वाहनों के दस्तावेजों, उनके स्वामित्व, माल के स्रोत और भारत लाए जा रहे सामान से संबंधित कागजात की जांच शुरू कर दी है।
चालक और खलासी के फरार होने से यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि वाहनों में इतनी बड़ी मात्रा में माल कब और किस स्तर पर रखा गया और सीमा पार करते समय इसके संबंध में कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे।माल की कीमत और नेटवर्क की जांच बाकीफिलहाल कस्टम अधिकारियों की ओर से बरामद माल की अंतिम कीमत और कथित तस्करी से जुड़े लोगों या नेटवर्क के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसियां वाहनों और बरामद माल से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं।
ऐसे में बरामदगी को लेकर आगे की तस्वीर कस्टम जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और फरार चालक-खलासी से संबंधित कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल यह भी जांच का विषय है कि माल का वास्तविक स्रोत क्या था, इसे कहां ले जाया जाना था और सीमा पार कराने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज इस्तेमाल किए गए।