44 साल का सूखा खत्म और एशिया के हॉकी सिंहासन पर भारत की बेटियों का राज!
44 साल बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता एशियन गेम्स गोल्ड, चीन को 1-0 से हराकर LA 2028 का टिकट
नागोया: भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 44 साल बाद स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। शुक्रवार को खेले गए फाइनल में भारत ने गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर खिताब जीता। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई भी कर लिया।भारत की जीत की नींव शुरुआती क्वार्टर में रखी गई, जब लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में शानदार रिवर्स हिट के जरिए गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद चीन ने लगातार दबाव बनाया, लेकिन भारतीय डिफेंस और गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बढ़त को अंत तक कायम रखा।लालरेम्सियामी का निर्णायक गोलफाइनल की शुरुआत में चीन ने गेंद पर कब्जा बनाए रखते हुए भारतीय सर्कल में कई बार प्रवेश किया। भारतीय डिफेंस ने हालांकि चीन को स्पष्ट गोल का मौका नहीं दिया।10वें मिनट में भारत को वह मौका मिला, जिसका टीम को इंतजार था। सलीमा टेटे की भूमिका वाले एक तेज आक्रमण के बाद साक्षी के पास से लालरेम्सियामी को गेंद मिली। लालरेम्सियामी ने शानदार रिवर्स हिट लगाई, जो सीधे चीनी गोल के ऊपरी हिस्से में जा लगी।यह गोल अंततः मैच का निर्णायक गोल साबित हुआ।सविता पूनिया ने बचाया पेनल्टी स्ट्रोकदूसरे क्वार्टर में चीन ने भारतीय गोल पर दबाव बढ़ा दिया। भारतीय डिफेंस को कई पेनल्टी कॉर्नर का सामना करना पड़ा।23वें मिनट के आसपास चीन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और उसके पास स्कोर बराबर करने का बड़ा मौका था। लेकिन भारतीय कप्तान और गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए चीन को बराबरी करने से रोक दिया।इसके बाद भी चीन ने लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी रक्षापंक्ति को मजबूत बनाए रखा और हाफ टाइम तक 1-0 की बढ़त कायम रखी।तीसरे क्वार्टर में चीन का दबाव, भारत का मजबूत डिफेंसतीसरे क्वार्टर में चीन ने लंबे समय तक गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और भारतीय सर्कल में लगातार दबाव बनाया। भारत को कई बार गोल के सामने खतरा टालना पड़ा।भारतीय खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण ब्लॉक और क्लियरेंस किए। सलीमा टेटे ने भी डिफेंस में महत्वपूर्ण योगदान दिया। चीन के लगातार हमलों के बावजूद भारत ने तीसरे क्वार्टर के अंत तक अपनी 1-0 की बढ़त बरकरार रखी।आखिरी 15 मिनट में रोमांचचौथे क्वार्टर में चीन ने बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी। भारत ने इस दौरान अपने डिफेंस को व्यवस्थित रखते हुए चीनी खिलाड़ियों को गोल करने का स्पष्ट मौका नहीं दिया।मैच के अंतिम मिनटों में चीन ने गोलकीपर को हटाकर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी को मैदान पर उतारा। इससे चीन ने हमले और तेज कर दिए, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव के बावजूद अपनी बढ़त बचाए रखी।आखिरी सीटी बजते ही भारत ने 1-0 की जीत के साथ एशियन गेम्स महिला हॉकी का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।1982 के बाद पहली बार गोल्डभारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 के नई दिल्ली एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उसके बाद टीम को इस खिताब के लिए 44 साल का इंतजार करना पड़ा।2026 का स्वर्ण भारत का एशियन गेम्स महिला हॉकी में दूसरा गोल्ड है। भारत ने अब तक इस स्पर्धा में दो स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक जीते हैं।LA 2028 ओलंपिक में भारत की सीधी एंट्रीएशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है।FIH के अनुसार भारत LA 2028 के लिए सीधे क्वालिफाई करने वाली शुरुआती महिला टीमों में शामिल हो गया है। मेजबान अमेरिका और FIH प्रो लीग 2025-26 की विजेता नीदरलैंड्स पहले ही सीधे स्थान हासिल कर चुके थे।भारत की इस जीत में लालरेम्सियामी का निर्णायक गोल, सविता पूनिया का पेनल्टी स्ट्रोक बचाव और पूरे मुकाबले में टीम का मजबूत डिफेंस सबसे महत्वपूर्ण रहा।44 साल का इंतजार खत्म हुआ और भारतीय महिला हॉकी टीम एक बार फिर एशिया की चैंपियन बन गई।
Firstclip desk
टिप्पणियां
टिप्पणी करने के लिए रीडर लॉगिन करें।