आइची-नागोया । जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में भारतीय गोल्फ के इतिहास का सबसे स्वर्णिम अध्याय लिखा गया। मैसूरु की 23 वर्षीय युवा गोल्फर प्रणवी उर्स ने सांसें रोक देने वाले फाइनल राउंड में जबर्दस्त धैर्य और कौशल का परिचय देते हुए महिला व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। प्रणवी एशियाई खेलों के इतिहास में गोल्फ का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों की व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में भारत के 24 वर्षों के खिताबी सूखे को भी समाप्त कर दिया। इससे पहले वर्ष 2002 के बुसान एशियाई खेलों में दिग्गज गोल्फर शिव कपूर ने भारत के लिए पुरुष व्यक्तिगत वर्ग में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था।
ट्रिपल-बोगी के झटके से शानदार वापसीफाइनल राउंड के रोमांच ने दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दीं। तीन शॉट की मजबूत बढ़त के साथ अंतिम दिन के खेल में उतरीं प्रणवी को तीसरे होल पर उस समय तगड़ा झटका लगा, जब वे 'ट्रिपल-बोगी' कर बैठीं। इस चूक से उनकी बढ़त समाप्त हो गई और मुकाबला कड़े मोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, मैसूरु की इस युवा खिलाड़ी ने संयम नहीं खोया और बैक-नाइन में आक्रामक व सटीक खेल दिखाते हुए तीन महत्वपूर्ण बर्डी लगाईं।
18वें होल पर उन्होंने दबाव के बीच निर्णायक 'पार' (Par) पुट जमाकर 15-अंडर-पार (265) के कुल स्कोर के साथ मुकाबला एक शॉट के अंतर से जीत लिया। उन्होंने शीर्ष वरीयता प्राप्त चीन की यिन रुओनिंग और सिंगापुर की शैनन टैन (दोनों 14-अंडर-पार) को एक शॉट से पछाड़कर रजत पदक पर सीमित कर दिया।
टीम स्पर्धा में भी भारत को मिला रजत पदकगोल्फ कोर्स पर शनिवार का दिन भारतीय दल के लिए दोहरी खुशियां लेकर आया। प्रणवी उर्स के व्यक्तिगत स्वर्ण के साथ-साथ ओलंपिक स्टार अदिति अशोक और दीक्षा डागर के ठोस प्रदर्शन की बदौलत भारत ने महिला टीम स्पर्धा में भी शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक (Silver Medal) पर कब्जा जमाया।
एशियाई खेल 2026: मैसूरु की प्रणवी उर्स ने गोल्फ में रचा स्वर्णिम इतिहास
24 साल का सूखा खत्म कर जीता भारत का पहला महिला व्यक्तिगत गोल्ड
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