काठमांडू। नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन थापा ने कहा है कि पार्टी के भीतर चल रही असहमति को समाप्त कर कांग्रेस को एकजुट रखते हुए आगे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। निवर्तमान सभापति शेरबहादुर देउवा के नेतृत्व में समानांतर महाधिवेशन की तैयारियों के बीच थापा ने कहा कि देउवा समेत असंतुष्ट नेताओं को 15वें महाधिवेशन में शामिल कराने के लिए लगातार पहल की जा रही है।

कांतिपुर को दिए विशेष साक्षात्कार में थापा ने बताया कि शेरबहादुर देउवा को महाधिवेशन के उद्घाटन समारोह में प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि देउवा से मुलाकात और बातचीत के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए, लेकिन अब तक सीधी मुलाकात संभव नहीं हो सकी है। थापा के मुताबिक, महाधिवेशन के अंतिम चरण तक भी समझौते और सहमति की संभावना बनी हुई है।

थापा ने कहा कि विशेष महाधिवेशन के बाद पार्टी में पैदा हुए विवाद के बावजूद वह कांग्रेस के एकजुट रहने को लेकर आश्वस्त हैं। उनके अनुसार, कुछ नेता और कार्यकर्ता असंतुष्ट हैं और उनमें से एक समूह का नेतृत्व स्वयं देउवा कर रहे हैं। थापा ने कहा कि पार्टी के पूर्व सभापति और लंबे राजनीतिक अनुभव वाले नेता के स्तर से असंतुष्ट समूह का नेतृत्व करना पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

पार्टी एकता के सवाल पर थापा ने इसे केवल देउवा या केंद्रीय कार्यसमिति के नेताओं तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से जुड़े लाखों शुभेच्छुक और समर्थक हैं और उनकी चिंता पार्टी के व्यापक भविष्य को लेकर है। थापा के अनुसार, देउवा भी इसी व्यापक दायरे का हिस्सा हैं, लेकिन पार्टी के भविष्य पर विचार केवल एक व्यक्ति को केंद्र में रखकर नहीं किया जा सकता।

देउवा पक्ष की कुछ मांगों पर अपनी ओर से लचीलापन दिखाने का दावा करते हुए थापा ने कहा कि सदस्यता नवीनीकरण का अवसर देने समेत कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को एकजुट रखने के लिए वह लगातार समझौते और संवाद की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

महाधिवेशन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता देउवा करेंगे या नहीं, इस सवाल पर थापा ने कहा कि फैसला पार्टी के विधान के अनुसार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि देउवा की अध्यक्षता से पार्टी की एकता कायम होती है तो इस पर विचार किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने देउवा से निवर्तमान सभापति के रूप में मिले सम्मान और प्रतिष्ठा को बनाए रखने की अपील की।

जेन-जी आंदोलन के दौरान देउवा पर हुए हमले के बाद सहानुभूति नहीं दिखाने के आरोपों को थापा ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने और विश्वप्रकाश शर्मा ने 25 भदौ को बयान जारी कर हमले की निंदा की थी। थापा ने दावा किया कि इसके बाद उन्होंने देउवा से मिलने की भी कई बार कोशिश की।