नई दिल्ली। केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय (CSL) के भविष्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। पुस्तकालय फिलहाल शास्त्री भवन में है, जिसे केंद्रीय विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत हटाया जाना है।सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ 5 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करेगी। मामला 3 अक्टूबर को स्वतः संज्ञान के रूप में दर्ज किया गया।
विवाद किस बात पर है?
केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय में 8.5 लाख से अधिक पुस्तकें और दस्तावेज हैं। यह पुस्तकालय करीब 5,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में चार मंजिलों पर फैला है और इसमें दुर्लभ पुस्तकें, सरकारी रिकॉर्ड और गजट भी शामिल हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, संस्कृति मंत्रालय ने प्रस्तावित जगह को पूरी पुस्तक-संग्रह और सुविधाओं के लिए अपर्याप्त बताया था। वहीं, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने बाद में स्पष्ट किया कि केंद्रीय विस्टा योजना में पुस्तकालय के लिए जगह उपलब्ध कराई गई है और निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।
1891 से जुड़ा इतिहास
केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय की शुरुआत 1891 में कलकत्ता में इंपीरियल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के रूप में हुई थी। 1911 में राजधानी दिल्ली आने के बाद इसे दिल्ली स्थानांतरित किया गया और 1969 में यह शास्त्री भवन पहुंचा।
अब सवाल सिर्फ जगह का नहीं, बल्कि इतिहास और दुर्लभ पुस्तकों के संरक्षण का भी है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से यह साफ हो सकता है कि पुनर्विकास के बीच इस ऐतिहासिक पुस्तकालय के लिए स्थायी और पर्याप्त व्यवस्था कैसे की जाएगी।
मंत्रालयों की अपनी लाइब्रेरी भी
केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय के अलावा कई केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की अपनी अलग पुस्तकालयें भी हैं, जिनमें संबंधित मंत्रालय के विषयों से जुड़ी किताबें, रिपोर्ट, दस्तावेज और संदर्भ सामग्री होती है।
ऐसे में उम्मीद यही की जानी चाहिए कि केंद्रीय विस्टा की नई इमारतों में मंत्रालयों के स्थानांतरण के दौरान इन विभागीय पुस्तकालयों और उनके महत्वपूर्ण संग्रह के लिए भी पर्याप्त जगह और उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई हो।क्योंकि सरकारी इमारतों का पुनर्विकास केवल कार्यालयों के स्थानांतरण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वहां मौजूद ज्ञान, दस्तावेजी विरासत और संस्थागत स्मृति को सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण हैl
8.5 लाख किताबों वाले 135 साल पुराने पुस्तकालय पर SC ने लिया स्वतः संज्ञान
135 साल पुराना पुस्तकालय, 8.5 लाख से ज्यादा किताबें और केंद्रीय विस्टा में जगह को लेकर विवाद—अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। 5 अक्टूबर को इस पर सुनवाई होगी।
Firstclip desk
टिप्पणियां
टिप्पणी करने के लिए रीडर लॉगिन करें।