सिद्धार्थनगर। बढ़नी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाएं अब सवालों के घेरे में हैं। यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन पर लगा इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले नियमित रूप से संचालित नहीं होता। अधिकारियों या बड़े अफसरों के निरीक्षण के समय ही डिस्प्ले व्यवस्था सक्रिय दिखाई देती है। सामान्य दिनों में इसके बंद रहने से यात्रियों को ट्रेनों के संचालन और अन्य जरूरी सूचनाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ती है।
यात्रियों के मुताबिक रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करने वाले लोगों के लिए प्रतीक्षालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, लेकिन इसका नियमित संचालन नहीं हो रहा है। आरोप है कि प्रतीक्षालय अधिकांश समय बंद रहता है और जरूरत पड़ने पर यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पाता। इससे खासकर बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को परेशानी होती है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों की ओर से प्रतीक्षालय को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। बताया जाता है कि प्रतीक्षालय में एक कर्मचारी की कथित मिलीभगत से कुछ असामाजिक तत्वों का कब्जा बना रहता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यात्रियों का कहना है कि यदि प्रतीक्षालय यात्रियों के लिए बनाया गया है तो वहां अनधिकृत लोगों की मौजूदगी की जांच होनी चाहिए।
लोगों का आरोप है कि रेलवे स्टेशन जैसी सार्वजनिक जगह पर यात्रियों की सुविधाओं की नियमित निगरानी होनी चाहिए। लेकिन व्यवस्था पर जिम्मेदार अधिकारियों की प्रभावी नजर नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है। यात्रियों को कई बार ट्रेन के समय और प्लेटफार्म की जानकारी के लिए कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ता है।
यात्रियों का यह भी कहना है कि जब रेलवे के अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं तो स्टेशन की व्यवस्थाएं अचानक सक्रिय नजर आने लगती हैं। डिस्प्ले चलने लगता है और प्रतीक्षालय भी यात्रियों के लिए खोल दिया जाता है। इसके बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाने का आरोप है।
यदि यह शिकायत सही है तो यह रेलवे की यात्री सुविधा व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का उद्देश्य केवल निरीक्षण के दौरान व्यवस्था दिखाना नहीं, बल्कि हर दिन उनका नियमित संचालन सुनिश्चित करना है।
यात्रियों ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्टेशन पर लगे डिस्प्ले की तकनीकी स्थिति, उसके संचालन की नियमितता और प्रतीक्षालय के उपयोग की जांच की जाए। साथ ही प्रतीक्षालय में यदि अनधिकृत लोगों का कब्जा है तो उसे तत्काल हटाया जाए और यह भी जांच हो कि उन्हें वहां रहने की अनुमति कैसे मिली।
यात्रियों ने मांग की है कि स्टेशन पर डिस्प्ले व्यवस्था 24 घंटे नियमित रूप से चालू रहे और प्रतीक्षालय निर्धारित समय के अनुसार यात्रियों के लिए खुला रहे। इसके अलावा स्टेशन कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए, ताकि यात्रियों को सुविधा के नाम पर केवल कागजी व्यवस्था न मिले।
रेल प्रशासन की ओर से जांच और संबंधित कर्मचारियों से जवाब लिए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यात्रियों की शिकायतों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल स्टेशन पर सुविधाओं के संचालन को लेकर उठ रहे सवालों ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बढ़नी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाएं अब सवालों के घेरे में
अधिकारियों के आने पर ही चलता है डिस्प्ले, प्रतीक्षालय भी रहता है बंद, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा व्यवस्था सवालों में, प्रतीक्षालय पर असामाजिक तत्वों के कब्जे का आरोप
परमात्मा प्रसाद उपाध्याय
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