भदोही। कालीन नगरी भदोही में रविवार से 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो का आगाज हुआ। कारपेट एक्सपो मार्ट में आयोजित यह चार दिवसीय आयोजन 7 अक्टूबर तक चलेगा। स्वर्ण जयंती संस्करण में भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों, आधुनिक डिजाइनों और फ्लोर-कवरिंग उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के सामने पेश किया जा रहा है।
एक्सपो में करीब 65 देशों के 400 से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी की उम्मीद है। देश के अलग-अलग कालीन उत्पादन केंद्रों से 220 से अधिक निर्यातक अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य भारतीय निर्माताओं को वैश्विक खरीदारों से सीधे जोड़ना और नए कारोबारी अवसर तैयार करना है।
हाथ से बने भदोही के कालीन भारतीय हस्तशिल्प की वैश्विक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। एक्सपो में पारंपरिक हस्तकला के साथ आधुनिक डिजाइन और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप तैयार उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी भदोही के कालीन उद्योग को उत्तर प्रदेश के निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला क्षेत्र बताया है। उनके अनुसार, राज्य का निर्यात पिछले एक दशक में करीब 2.27 गुना बढ़कर ₹2 लाख करोड़ से अधिक हो गया है और उत्तर प्रदेश देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य है।
इंडिया कारपेट एक्सपो की शुरुआत 2001 में हुई थी। इसलिए 50वां संस्करण आयोजन की करीब ढाई दशक लंबी यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ावl  स्वर्ण जयंती संस्करण का लक्ष्य भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग को नए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना और निर्यातकों, खरीदारों तथा डिजाइनरों के बीच सीधे कारोबारी संपर्क को मजबूत करना है।
भदोही के लिए यह एक्सपो सिर्फ व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि कारीगरों की कला को वैश्विक बाजार से जोड़ने और ‘कालीन नगरी’ की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने का बड़ा मंच बनकर सामने आया है।