नई दिल्ली। 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों की ओर से लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त विवेक भगत को दिया गया अतिरिक्त प्रभार रोक दिया गया है। प्राप्त खबरों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने भगत को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Additional Deputy Commissioner of Police) का अस्थायी प्रभार दिए जाने के आदेश में उनके संबंध में बदलाव करने का फैसला किया है।
सरकार के अनुसार, भगत ने अनुरोध किया था कि आरोपों की पूरी जांच होने तक उन्हें अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त का प्रभार न दिया जाए। इसके बाद 5 अक्टूबर को जारी आदेश में भगत के संबंध में बदलाव किया जाएगा और यह आदेश बाकी 11 अधिकारियों के लिए दोबारा जारी होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया कि 12 Selection Grade DANIPS अधिकारियों, जिनमें विवेक भगत भी शामिल थे, को अतिरिक्त ड्यूटी प्रभार देने की प्रक्रिया 25 अगस्त को शुरू की गई थी। सरकार के मुताबिक, यह प्रक्रिया 3 अक्टूबर की मौजूदा घटनाओं से काफी पहले शुरू हो चुकी थी और आवश्यक मंजूरी के बाद 5 अक्टूबर को आदेश जारी किए गए।
सरकार ने यह भी कहा कि यह अस्थायी व्यवस्था थी और इसके साथ कोई वित्तीय लाभ नहीं जुड़ा था। अतिरिक्त प्रभार पाने वाले अधिकारी नियमित पद पर तैनात अधिकारियों के वैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे। यह व्यवस्था तब तक जारी रहनी थी, जब तक गृह मंत्रालय अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के पदों पर नियमित नियुक्तियां नहीं करता। इसे किसी भी समय बिना कारण बताए समाप्त भी किया जा सकता था।
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