नई दिल्ली। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने पहली बार अखिल भारतीय राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण (NHTS) के प्रमुख निष्कर्ष जारी किए हैं। जुलाई 2025 से जून 2026 के दौरान किए गए सर्वेक्षण में 4,92,023 परिवारों के 20,34,371 व्यक्तियों से जानकारी जुटाई गई। इसमें 14,274 गांव और 10,377 शहरी ब्लॉक शामिल थे।

सर्वेक्षण का उद्देश्य घरेलू यात्राओं के पैटर्न, परिवहन के साधन, यात्रा अवधि और खर्च से जुड़ा डेटा जुटाना था। इसमें 1 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी की यात्रा को शामिल किया गया।

15 वर्ष और उससे अधिक आयु के 57.6% श्रमिक काम के लिए 1 किलोमीटर से अधिक यात्रा करते हैं। इनमें 42.6% दोपहिया, 28.3% पैदल, 10.7% साइकिल, 6.7% बस और 6.4% ऑटो-रिक्शा का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहिया की हिस्सेदारी 37.1% और शहरी क्षेत्रों में 52.3% है। कार्य-यात्रा में लैंगिक अंतर भी दर्ज हुआ। 61.9% पुरुष कर्मचारी 1 किलोमीटर से अधिक की दैनिक यात्रा करते हैं, जबकि महिला कर्मचारियों का हिस्सा 41.9% है।

छात्रों का औसत यात्रा समय 23 मिनट है। 87.6% छात्र 30 मिनट के भीतर शैक्षणिक संस्थान पहुंचते हैं। स्कूल आने-जाने में पैदल यात्रा 37%, बस 29.5% और साइकिल 15.8% है।

निश्चित कार्यस्थल पर जाने वाले कर्मचारियों का औसत यात्रा समय 25 मिनट है। 83.4% कर्मचारी 30 मिनट से कम समय में कार्यस्थल पहुंचते हैं। हालाँकि, नगरों और महानगरों में यह समय ज्यादा है I

शिक्षा और रोजगार से अलग दिन की यात्राओं में भी दोपहिया 32.2% हिस्सेदारी के साथ सबसे प्रमुख साधन है।

NSO के अनुसार, यह देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को शामिल करने वाला पहला अखिल भारतीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण है। हालांकि, 1 किलोमीटर से कम दूरी की यात्राएं इसमें शामिल नहीं हैं, इसलिए इसके आंकड़ों को सभी छोटी दूरी की आवाजाही का पूर्ण प्रतिनिधित्व नहीं माना जाना चाहिए।