जैसलमेर। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 4 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क के सम क्षेत्र में दो नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) को वन्य क्षेत्र में छोड़ा। इस अवसर पर राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा सहित केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह उपलब्धि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और ग्राउंड स्टाफ के लगभग एक दशक के समर्पण का परिणाम है। उन्होंने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और अन्य प्रजातियों के संरक्षण के लिए वैज्ञानिक समुदाय को निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।
मंत्री के अनुसार, यह रिलीज भारत के GIB संरक्षण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण चरण का प्रतिनिधित्व करती है। कार्यक्रम में पहले संरक्षण-प्रजनन आबादी स्थापित करने और अब प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में फिर से छोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, इस रिलीज से मिली सीख का उपयोग आगे की रिलीज के लिए तैयार किए जाने वाले प्रोटोकॉल को क्रमिक रूप से बेहतर बनाने में किया जाएगा। हालांकि, उपलब्ध स्रोत में इन दोनों पक्षियों की उम्र, उनकी व्यक्तिगत पहचान, रिलीज के बाद निगरानी व्यवस्था या उनकी आगे की स्थिति के बारे में विवरण नहीं दिया गया है।
बस्टर्ड रिकवरी प्रोग्राम पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) की सहयोगी पहल है। कार्यक्रम को इंटरनेशनल फंड फॉर हौबारा कंजर्वेशन और नेशनल CAMPA से तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग मिलता है। स्रोत के अनुसार, कार्यक्रम के प्रमुख क्षेत्रों में संरक्षण-प्रजनन, आवास प्रबंधन, खतरों को कम करना, आवास बहाली और समुदाय की भागीदारी शामिल हैं।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण के संदर्भ में यह रिलीज संरक्षण-प्रजनन से वन्य क्षेत्र में पुनर्वास की दिशा में कार्यक्रम के अगले चरण को दर्शाती है। हालांकि, उपलब्ध PIB सामग्री इस रिलीज के दीर्घकालिक परिणामों या GIB आबादी पर इसके प्रभाव का आकलन प्रस्तुत नहीं करती।
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