बढ़नी/सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र में मंगलवार को एसएसबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बढ़नी तिराहे से दो लोगों को कथित रूप से भारी मात्रा में स्मैक के साथ पकड़ा। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई के बाद सीमा क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे मादक पदार्थों के नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।बताया गया कि दोनों संदिग्ध बलरामपुर की ओर से आने वाली बस से बढ़नी तिराहे पर उतरे थे। इसी दौरान एसएसबी जवानों ने उन्हें रोक लिया। तलाशी के दौरान स्मैक बरामद होने की बात सामने आने के बाद जवान दोनों को अपने वाहन में बैठाकर साथ ले गए। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों को दोनों के पास जाने से रोक दिया गया। एसएसबी की पूछताछ में अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद स्मैक कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

इस कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी अब पूछताछ मानी जा रही है। यदि पकड़े गए लोगों से सप्लायर, खरीदार और सीमा पार से जुड़े संपर्कों के बारे में जानकारी मिलती है तो मादक पदार्थों के कथित नेटवर्क की कई परतें खुल सकती हैं। बरामदगी की वास्तविक मात्रा और आरोपियों के संबंध में एसएसबी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

बढ़नी बाजार और सीमा से सटे इलाकों में लंबे समय से स्मैक की खरीद-फरोख्त को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। स्थानीय स्तर पर करीब आधा दर्जन लोगों के कथित रूप से इस कारोबार से जुड़े होने की बातें सामने आती रही हैं। इनमें कुछ लोगों के बारे में स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने कम समय में तेजी से आर्थिक स्थिति मजबूत की है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।सबसे गंभीर आरोप स्थानीय स्तर पर कुछ वर्दीधारियों की कथित भूमिका को लेकर लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि लंबे समय से क्षेत्र में तैनात कुछ वर्दीधारियों के संरक्षण के कारण मादक पदार्थों का कारोबार फल-फूल रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

आज की कार्रवाई ने इन आरोपों के बीच सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका को लेकर उम्मीद जरूर बढ़ाई है। अब सवाल यह है कि पकड़े गए दोनों लोगों से पूछताछ में क्या सामने आता है। क्या वे केवल कैरियर हैं या किसी बड़े नेटवर्क की कड़ी? स्मैक की खेप कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग हैं? इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आ सकते हैं।

एसएसबी की ओर से बताया गया है कि कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रेस नोट के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद ही बरामद स्मैक की मात्रा, आरोपियों की पहचान और मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।