काठमांडू। नेपाली कांग्रेस के 15वें महाधिवेशन में पार्टी की सांगठनिक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों के तहत केंद्रीय नेतृत्व के प्रमुख पदों पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।
पार्टी ने उपसभापति और महामंत्री पदों में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया है। इसके साथ ही सहमहामंत्री पदों पर भी महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
कांग्रेस उपसभापति पुष्पा भुषाल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे महिलाओं के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने का रास्ता आसान होगा। उनके अनुसार अब केवल संगठन की निचली इकाइयों में ही नहीं, बल्कि नीति निर्माण और निर्णय लेने वाले स्तर पर भी महिलाओं की मौजूदगी बढ़ेगी। भुषाल ने कहा कि पहले पार्टी के निर्णायक स्तर पर महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। उनका मानना है कि जब तक महिलाएं निर्णय लेने वाली जगहों पर नहीं पहुंचेंगी, तब तक पार्टी संगठन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को अपेक्षित गति नहीं मिलेगी। उन्होंने 15वें महाधिवेशन को महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।
संशोधित व्यवस्था के तहत कांग्रेस में सहमहामंत्री पदों की संख्या बढ़ाकर 15 की गई है। इससे पहले आठ अलग-अलग क्लस्टर से एक-एक सहमहामंत्री निर्वाचित होने की व्यवस्था थी। इनमें मधेश, थारू, आदिवासी जनजाति, खसआर्य, मुस्लिम, दलित, महिला और पिछड़ा क्षेत्र शामिल थे। नई व्यवस्था में 15 सहमहामंत्रियों में चार को सभापति मनोनीत करेंगे, जिनमें एक महिला होगी। बाकी पदों के लिए निर्वाचन का प्रावधान रखा गया है।
महामंत्री पद की उम्मीदवार महालक्ष्मी उपाध्याय ‘डिना’ ने महिलाओं के नेतृत्व को केवल आरक्षण तक सीमित करने की धारणा से असहमति जताई। उनका कहना है कि महिलाएं लंबे समय से पुरुषों के साथ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा करती रही हैं और चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ रही हैं।
वहीं, जेन-जी नेता जुली पोखरेल ने महिला-पुरुष के लिए समान राजनीतिक अवसर और प्रतिस्पर्धी माहौल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का आधार क्षमता, राजनीतिक कार्य और संगठन में योगदान होना चाहिए।महाधिवेशन में कांग्रेस ने संगठन के भीतर नेतृत्व विकास और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। इसके लिए ‘लीडरशिप एकेडमी’ और ‘इलेक्शन ब्यूरो’ जैसे प्रावधान किए गए हैं। पार्टी में गुट आधारित उम्मीदवार चयन की पुरानी प्रवृत्ति को कम करने की दिशा में भी प्रयास किए जाने की बात कही गई है।
कांग्रेस की नई व्यवस्था के बाद महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, लेकिन खुली श्रेणी में महिलाओं की प्रतिस्पर्धा और नेतृत्व में उनकी हिस्सेदारी को लेकर पार्टी के भीतर बहस जारी है। आगामी दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आरक्षित पदों के साथ-साथ महिलाएं सामान्य निर्वाचन में किस स्तर तक अपनी राजनीतिक जगह बनाती हैं
नेपाली कांग्रेस में महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में आरक्षण, बदली संगठन की संरचना
कांग्रेस के नए प्रावधानों के तहत केंद्रीय नेतृत्व के प्रमुख पदों पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।
परमात्मा प्रसाद उपाध्याय
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