गोरखपुर। जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता के दौरान हुए विवाद के मामले में पुलिस ने फरार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस की चार टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और सामने आए वीडियो की जांच कर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
मामला तीन अक्टूबर 2026 को जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित सपा की प्रेस वार्ता के दौरान हुए विवाद से जुड़ा है। विवाद के दौरान सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामनगीना प्रसाद साहनी के साथ मारपीट और थप्पड़ मारे जाने के आरोप सामने आए थे।
पुलिस के अनुसार, मामले में अंकित कुमार गौड़ को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं नामजद आरोपी अंशुमान सिंह, कमलेश सिंह और विमलेश सिंह समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
फुटेज की जांच से कार्रवाई को दिशापुलिस प्रेस क्लब परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और सामने आए वीडियो फुटेज को जांच का अहम आधार बना रही है। फुटेज के जरिए घटना के दौरान मौजूद लोगों की भूमिका और विवाद के क्रम की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद समाजवादी पार्टी ने भी संगठनात्मक कार्रवाई की। अंशुमान सिंह को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद सपा ने गोरखपुर की जिला और महानगर इकाइयों समेत संबंधित संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया।
फिलहाल पुलिस की चारों टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। मामले में आगे की कार्रवाई गिरफ्तारी और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।
थप्पड़ कांड में फरार आरोपियों की तलाश तेज चार पुलिस टीमें दे रहीं लगातार दबिश,
जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता के दौरान हुए विवाद के मामले में पुलिस ने फरार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। सीसीटीवी और वीडियो फुटेज से सुराग जुटाए जा रहे, एक आरोपी गिरफ्तार होकर जेल भेजा गया, तीन नामजद समेत अन्य की तलाश जारी
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