नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद ने कर अनुपालन प्रक्रिया में कई बदलावों को मंजूरी दी है। The Indian Express की 9 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें अभियोजन से पहले के चरण में कर अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति हटाना और कुछ मामलों में कार्रवाई की सीमा बढ़ाना शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक, परिषद ने अपराधों के लिए अभियोजन की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने का फैसला किया। सामान्य जुर्माने को भी ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करने की बात कही गई है। ₹10,000 से कम के विवादों में नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे और ऐसे मौजूदा नोटिस वापस लिए जाएंगे।
परिषद ने माल की आवाजाही से संबंधित जांच प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया है। रिपोर्ट के अनुसार, सामान ले जा रहे वाहनों को केवल आपूर्तिकर्ता राज्य या गंतव्य राज्य के कर अधिकारी रोक सकेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर प्रक्रियाएं ऐसी होनी चाहिए जिनमें कारोबारियों पर भरोसा किया जाए और अनावश्यक हस्तक्षेप न हो। रिपोर्ट में इन बदलावों को कारोबार के लिए अनुपालन प्रक्रिया सरल बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
इन बदलावों के वास्तविक प्रभाव का आकलन उनके क्रियान्वयन और आगे उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
स्रोत: The Indian Express, 9 अक्टूबर 2026,
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