नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने ट्रेनों के रद्द होने और आम लोगों को हो रही असुविधा को लेकर सरकार की आलोचना की है। उन्होंने राष्ट्रपति से नागरिकों को कथित ज्यादतियों से बचाने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की और कहा कि आगे की रणनीति पर निर्णय राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया के बाद लिया जाएगा।
समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, चौधरी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि राष्ट्रपति अपनी उपस्थिति से हमें सम्मानित करेंगी और नागरिकों को इन ज्यादतियों से बचाएंगी। इसके बाद हम अपनी आगे की कार्रवाई तय करेंगे।”
ट्रेनों के रद्द होने के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे सरकार के अनुभव की कमी और आम लोगों से उसके अलगाव का पता चलता है। उन्होंने पूछा कि बड़े खर्च, जनता को व्यापक असुविधा और दूसरे राज्यों से पुलिस बल बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी।
चौधरी ने कहा कि सरकार लोगों को बातचीत के लिए आमंत्रित कर सकती थी, संसद में आकर सवालों के जवाब दे सकती थी और संवाद के दूसरे रास्ते अपना सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आतंकवादियों से बातचीत करने को तैयार रहती है, लेकिन अपने ही देशवासियों से संवाद करने से बचती है।
रेणुका चौधरी के बयान में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपेक्षा और सरकार से संवाद की मांग प्रमुख रही। हालांकि, उपलब्ध ANI बयान में ट्रेनों को रद्द करने के कारण, प्रभावित सेवाओं की संख्या, यात्रियों पर पड़े वास्तविक प्रभाव या सरकार की प्रतिक्रिया का विवरण नहीं है। इसलिए इन पहलुओं पर कोई निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है।