नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) और छात्र संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा कड़ी की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को मेट्रो और रेल सेवाएं पूरी तरह बंद करने के बजाय नियंत्रित ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया।

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि आयोजकों ने 7 अक्टूबर को अनुमति के लिए आवेदन किया था, जबकि नियमों के मुताबिक कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना जरूरी है। पुलिस ने पुराने प्रदर्शनों में नियमों के कथित उल्लंघन को भी अनुमति खारिज करने का आधार बताया।प्रदर्शन के मद्देनजर मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश-निकास प्रतिबंधित करने और कुछ रेलगाड़ियां रद्द करने के आदेश भी जारी किए गए थे।

जंतर-मंतर क्यों है खास? वर्ष 1993 से जंतर-मंतर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां प्रदर्शन के लिए पुलिस की पूर्व अनुमति जरूरी है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां अधिकतम 1,000 लोग प्रदर्शन कर सकते हैं। बड़ी भीड़ के लिए रामलीला मैदान और बुराड़ी मैदान निर्धारित हैं।