लखनऊ, 9 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुराने कर बकायेदारों को राहत देने के लिए ब्याज और अर्थदंड माफी योजना-2026 लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक सृजित पात्र बकायों पर ब्याज और अर्थदंड माफ किया जाएगा। यह योजना तीन महीने तक लागू रहेगी।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि योजना के जरिए पुराने कर बकायों के निस्तारण को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे संबंधित कर कानूनों के तहत बकाया रखने वाले करदाताओं को राहत मिलने का रास्ता खुलेगा।
योजना में उत्तर प्रदेश बिक्री कर अधिनियम - 1948,
केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956, उत्तर प्रदेश
आमोद एवं पणकर अधिनियम-1979,
उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम-1995,
उत्तर प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम-2007,
उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम - 2008 के तहत सृजित बकाये शामिल होंगे।
इसके अलावा मनोरंजन कर से संबंधित नियमावली और उत्तर प्रदेश केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमावली-1997 के अंतर्गत आने वाले मामलों को भी योजना के दायरे में रखा गया है।
सरकार के इस फैसले से पुराने कर विवादों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, योजना का लाभ निर्धारित शर्तों और पात्रता के अनुसार मिलेगा। ब्याज और अर्थदंड में छूट के जरिए बकायेदारों को पुराने मामलों का निपटारा करने का अवसर मिलेगा।
यूपी में पुराने कर बकायेदारों को राहत, ब्याज और अर्थदंड माफी योजना को मंजूरी
31 दिसंबर 2025 तक के बकायों पर मिलेगा लाभ, तीन महीने तक लागू रहेगी योजना
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