नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कांग्रेस की उस मांग को स्वीकार नहीं किया है, जिसमें विपक्षी नेताओं ने उनसे मिलकर ज्ञापन सौंपने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद कांग्रेस और विपक्षी दलों ने सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की योजना बनाई है। यह मार्च मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की आपत्तियों से जुड़ा है।


CJI ने बैठक के अनुरोध के जवाब में चार बिंदु उठाए। इनमें प्रमुख रूप से यह बात शामिल थी कि विपक्ष जिन मुद्दों को उठाना चाहता है, उनमें SIR और मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े विषय अदालत के समक्ष पहले से लंबित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत अदालत प्रशासनिक पक्ष पर ऐसी शिकायतों का स्वतः संज्ञान नहीं ले सकती। CJI ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि न्यायिक समीक्षा के लिए संविधान के अनुच्छेद 32 सहित अदालत की अन्य शक्तियां उपलब्ध हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को वीडियो संदेश जारी कर छात्रों, नागरिक संगठनों, विपक्षी दलों और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर कथित ‘वोट चोरी’ रोकने, SIR पर रोक लगाने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेगा।