नई दिल्ली: दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष का विरोध सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च तक पहुंच गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के साथ बस से रवाना हुए। सामाजिक कार्यकर्ता नेहा बोरा और योगेंद्र यादव भी उनके साथ मौजूद थे। मार्च में सैकड़ों लोग पैदल भी शामिल हुए।
विपक्ष का विरोध मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। उनकी योजना इन मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी बात रखने की थी।
विपक्षी नेताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का अनुरोध किया था। मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात से इनकार करते हुए अदालत में याचिका दाखिल करने का विकल्प बताया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि संबंधित मुद्दे न्यायिक प्रक्रिया के जरिए उठाए जा सकते हैं। विपक्ष इस विरोध के जरिए SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को सामने लाना चाहता है।
मार्च के मद्देनजर दिल्ली में पुलिस की तैनाती और यातायात व्यवस्था को लेकर भी कदम उठाए गए। जानकारी के अनुसार, जनपथ, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक और पटेल चौक मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार शाम चार बजे तक बंद रखने की सूचना दी गई थी।
इस घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति और तारीख तय करने की मांग उठाई। पार्टी से जुड़े बयान के अनुसार, संगठन ने निर्धारित समय में तारीख तय नहीं होने पर दोबारा प्रदर्शन करने की बात कही। दिल्ली पुलिस ने वैकल्पिक प्रदर्शन स्थलों के तौर पर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD मैदान का उल्लेख किया।
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