प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के विकास में केंद्र सरकार की ओर से सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया। चेन्नई स्थित आईआईटी मद्रास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राज्य में ₹13,000 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया और कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ मौजूद प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के विकास और यहां के लोगों की सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता बनी रहेगी।
मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु की जरूरतों के अनुरूप सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्य के विकास को केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से जोड़ते हुए कहा कि सरकारी पहलों का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचना चाहिएI मुख्यमंत्री विजय ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, मत्स्य पालन और अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में समावेशी विकास के साथ पारदर्शी तथा भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन की प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने केंद्र से रेल, राजमार्ग और जल परियोजनाओं को मंजूरी देने का अनुरोध किया।
चेन्नई मेट्रो के तीसरे चरण के तहत लगभग 65 किलोमीटर के विस्तार की मांग प्रमुख रही। प्रस्तावित मार्गों में एयरपोर्ट-किलांबक्कम, पूनामल्ली-श्रीपेरंबुदूर-सुंगुवरछत्रम और कोयम्बेडु-पट्टाबिराम शामिल हैं। विजय ने कोयंबटूर और मदुरै की मेट्रो परियोजनाओं पर दोबारा विचार करने तथा होसुर को बेंगलुरु से जोड़ने वाली अंतरराज्यीय मेट्रो परियोजना को मंजूरी देने की भी मांग की।
रेल संपर्क के मामले में मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई को जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का स्वागत किया। उन्होंने चेन्नई से कन्याकुमारी और कोयंबटूर तक रेल विस्तार की मांग भी दोहराई। विजय ने जीएसटी रोड के चेंगलपट्टू-त्रिची खंड को छह लेन का बनाने और त्रिची, पंचापुर, जयमकोंडम तथा करूर को जोड़ने वाले मार्गों के विकास सहित कई सड़क परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा। उन्होंने गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ने की योजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में प्राथमिकता देने का अनुरोध भी किया। मुख्यमंत्री ने मद्रास हाईकोर्ट की कार्यवाही में तमिल को प्रमुख भाषा के रूप में इस्तेमाल करने की मांग रखी।
कार्यक्रम से पहले चेन्नई पहुंचने पर मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, मोदी, विजय और राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने चेन्नई मेट्रो रेल के दूसरे चरण के 14.64 किलोमीटर लंबे पूनामल्ली बाइपास-वडापलानी खंड पर पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि 2014 में देश के पांच शहरों में मेट्रो सेवाएं थीं, जबकि अब 25 शहरों में ये सेवाएं संचालित हो रही हैं। उनके अनुसार, देश का मेट्रो नेटवर्क लगभग 250 किलोमीटर से बढ़कर 1,100 किलोमीटर से अधिक हो गया है। मोदी ने तमिलनाडु को वर्ष 2036 तक 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री के लक्ष्य का भी उल्लेख किया।
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