नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों को लेकर जारी विवाद के बीच Cockroach Janta Party (CJP) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को मंगलवार सुबह पुलिस ने हिरासत में ले लिया। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ये नेता और पार्टी के कुछ अन्य सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे थे। पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब दिल्ली पुलिस ने एक दिन पहले जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने की घोषणा की थी।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीप्तके ने सोशल मीडिया मंच X पर दावा किया कि पार्टी के नेता सुबह राष्ट्रीय ध्वज लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे और इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि विरोध की आवाज को अधिसूचना के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता। यह प्रतिक्रिया पार्टी के संस्थापक का बयान है; पुलिस की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक पक्ष उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को घोषणा की थी कि जंतर-मंतर अब निर्धारित प्रदर्शन स्थल नहीं रहेगा। इसके स्थान पर मध्य दिल्ली के रामलीला मैदान, उत्तर-पश्चिम दिल्ली के बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया।
इस फैसले का CJP ने विरोध किया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं देना शांतिपूर्ण सभा और विरोध के अधिकार को प्रभावित करता है। यह पार्टी का पक्ष है। दूसरी ओर, पुलिस ने प्रदर्शन स्थलों में बदलाव की घोषणा की है और नए स्थानों पर आयोजन की प्रक्रिया के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही है।
CJP और अन्य समूह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाहते हैं। यह मांग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच उठाई गई है
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