बरेली, 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों का मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की है। इससे प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरी लाभान्वित होंगे। सरकार उनके और उनके परिवारों के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।

बरेली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव की सुरक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी हैं। उनकी भूमिका सीसीटीवी कैमरे जैसी है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए वे समय से पुलिस को सूचना दें, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम प्रहरी खुद कार्रवाई करने के बजाय सूचना पुलिस तक पहुंचाएं।योगी ने निर्देश दिए कि थानाध्यक्ष या क्षेत्र का दरोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करे। खाली पदों पर नियुक्ति और पुलिस-ग्राम प्रहरी के बीच नियमित संवाद सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अफवाहों, वन्यजीवों के खतरे और भू-माफिया की गतिविधियों पर भी सतर्क नजर रखने की अपील की।

2017 से पहले की सरकारों पर हमलामुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 2017 से पहले प्रदेश में लूट-खसोट का माहौल था। उन्होंने कहा कि अब कानून-व्यवस्था में सुधार से लोग सुरक्षित माहौल में पर्व-त्योहार मना रहे हैं। महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़, लूट और चेन स्नेचिंग करने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

मानदेय में वृद्धि से ग्राम प्रहरियों को सालाना 12 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वर्ष 2017 में उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जिसे 2019 में बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया। इस मौके पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।