काठमांडू। नेपाल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का सदस्य निर्वाचित हुआ है। वर्ष 2027-2029 के कार्यकाल के लिए हुए चुनाव में नेपाल को महासभा में पड़े 180 मतों में से 173 मत मिले। एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय समूह से निर्वाचित देशों में नेपाल को सर्वाधिक मत हासिल हुए।

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में नेपाल के स्थायी मिशन ने चुनाव के बाद समर्थन देने वाले सभी सदस्य देशों का आभार जताया। मिशन ने कहा कि नेपाल बहुपक्षवाद, मानवाधिकार, अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र केंद्रित नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्ध है।

नेपाल ने नए कार्यकाल के लिए निर्वाचित ब्राजील, बुरुंडी, डोमिनिकन गणराज्य, जर्मनी, घाना, आयरलैंड, जापान, जॉर्डन, कुवैत, माल्दोवा, नाइजीरिया, यूक्रेन, उरुग्वे और जाम्बिया को भी बधाई दी।

मिशन के मुताबिक, नेपाल संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों और अन्य साझेदारों के साथ मिलकर मानव गरिमा की रक्षा, समावेशिता, सामाजिक न्याय और समान विकास को बढ़ावा देने के लिए काम करेगा।

नेपाल इससे पहले 2018-2020 और 2021-2023 के दौरान लगातार दो कार्यकाल तक परिषद का सदस्य रह चुका है। अब एक जनवरी 2027 से उसका तीसरा कार्यकाल शुरू होगा।वर्ष 2006 में स्थापित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है। परिषद में भौगोलिक प्रतिनिधित्व के आधार पर 47 सदस्य देश होते हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा तीन साल के लिए चुनती है।

परिषद सदस्य देशों में मानवाधिकारों की स्थिति की समीक्षा करती है, उल्लंघन से जुड़े मामलों पर चर्चा करती है और सुधार के लिए सिफारिशें देती है। नेपाल की नई सदस्यता से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मंच पर उसकी भूमिका बढ़ेगी। साथ ही, मानवाधिकारों, मौलिक स्वतंत्रताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में उसके योगदान पर भी नजर रहेगी।