नई दिल्ली। सरकारी रक्षा कंपनी भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) की मिसाइलों के लिए ऑप्टिकल साइट्स खरीदने की प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। कंपनी ने मई 2026 में 300 ऑप्टिकल साइट्स की आपूर्ति के लिए Aindri Defence Advisory Private Limited को एकल-निविदा जारी की। कंपनी ने इसके लिए ₹56.8 करोड़ की बोली लगाई है।

द इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट के मुताबिक, Aindri Defence Advisory की स्थापना BDL के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ मिश्रा और उनकी पत्नी शांभवी मिश्रा ने की थी। वर्तमान में कंपनी में शांभवी मिश्रा की 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सिद्धार्थ मिश्रा ने मार्च 2023 में BDL से सेवानिवृत्ति ली थी।

इस मामले में मुख्य सवाल निविदा प्रक्रिया को लेकर है। वर्ष 2024 और 2025 में BDL ने इसी तरह की ऑप्टिकल साइट्स की खरीद प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से की थी। दोनों वर्षों में अनुबंध रक्षा मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड को मिला था। इसके विपरीत, 2026 की निविदा केवल Aindri Defence Advisory को जारी की गई।

BDL ने इस प्रक्रिया के लिए तात्कालिक आवश्यकता का हवाला दिया। हालांकि, समाचार रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ऐसी आपात स्थिति क्यों उत्पन्न हुई और सामान्य प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई।

ऑप्टिकल साइट्स एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों की लक्ष्य पहचान और निशाना साधने वाली प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। निविदा में उपकरणों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल के लिए कम से कम 15 वर्षों की तकनीकी सहायता की शर्त भी शामिल है।

सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल से संबंधित जानकारी के अनुसार, कंपनी तकनीकी मूल्यांकन चरण पार कर चुकी थी, जबकि रिपोर्ट प्रकाशित होने तक उसकी बोली का वित्तीय मूल्यांकन जारी था।

द इंडियन एक्सप्रेस ने सिद्धार्थ मिश्रा, शांभवी मिश्रा और BDL से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी थी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला।

यह मामला रक्षा खरीद में प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता और संभावित हितों के टकराव से जुड़े सवाल उठाता है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर किसी नियम के उल्लंघन या भ्रष्टाचार को अंतिम रूप से सिद्ध मानना उचित नहीं होगा। इसके लिए संबंधित निविदा दस्तावेजों, लागू नियमों और आधिकारिक पक्षों की विस्तृत जांच आवश्यक है।
स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस में 15 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित पड़ताल।