नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच 20 अक्टूबर को मुंबई में होने वाली बैठक की पुष्टि के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी फिर चर्चा में है। गांधी ने 16 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि रुबियो ने अपने ‘एम्प्लॉयी’ को मुंबई बुलाया है और विदेश मंत्रालय के अधिकारी घटनाक्रम को लेकर भ्रमित हैं।


यह टिप्पणी अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने रुबियो की मुंबई यात्रा के दौरान जयशंकर के बैठक में शामिल होने की बात कही थी। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने दोनों मंत्रियों की मुलाकात की पुष्टि की। राहुल गांधी की टिप्पणी को उनके पहले के एक सोशल मीडिया पोस्ट के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। 8 अक्टूबर को एलन मस्क ने भारत में Starlink के लाइसेंस को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा था कि क्या अंबानी भारत के असली ‘बॉस’ हैं। जवाब में गांधी ने लिखा था, “Welcome to India, Elon. Wait till you discover the other guy.”


अब रुबियो की यात्रा को लेकर ‘एम्प्लॉयी’ शब्द के इस्तेमाल ने विदेश नीति और सरकार की संवाद प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस को फिर सामने ला दिया है। कांग्रेस ने यह सवाल भी उठाया था कि भारतीय विदेश मंत्री की बैठक की जानकारी पहले अमेरिकी पक्ष से क्यों आई।


हालांकि, जयशंकर और रुबियो की मुलाकात की पुष्टि अपने आप में राहुल गांधी के राजनीतिक आरोपों की पुष्टि नहीं करती। बैठक का वास्तविक एजेंडा और उसके नतीजे ही दोनों देशों के संबंधों की आगे की दिशा समझने में महत्वपूर्ण होंगे।