घटना के बाद पुलिस ने संबंधित पंडाल में लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अन्य प्रमुख दुर्गा पूजा आयोजनों में भी एहतियाती कदम उठाए गए।
रिपोर्ट के अनुसार, सुरुचि संघ, चेतला अग्रणी और कुछ अन्य बड़े पंडालों में आगंतुकों का प्रवेश रोक दिया गया। ताला प्रत्यय पूजा समिति ने भी अगली सूचना तक पंडाल बंद रखने की घोषणा की।
हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना एवं संस्कृति विभाग ने लोगों की सहायता के लिए 18003455678 हेल्पलाइन नंबर जारी किया। घायलों के उपचार की जानकारी सामने आई है।
घटना पर राजनीतिक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को 2 लाख और घायलों को 50,000 रुपए देने की घोषणा की है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जो इस समय पश्चिम बंगाल में ही हैं ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बातचीत की। उन्होंने अपने कल के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और वे घायलों को देखने अस्पताल जाएंगे।पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी घटना पर शोक जताया।
कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में दुर्गा पूजा के दौरान भारी भीड़ जुटने की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं। रिपोर्ट में देशप्रिय पार्क, श्रीभूमि और कल्याणी के पूजा पंडालों में भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बनने का उल्लेख है। हालांकि, इन घटनाओं और चोरबागान हादसे के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल, इस घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। भीड़ किस परिस्थिति में अनियंत्रित हुई, प्रवेश और निकास की व्यवस्था कैसी थी तथा सुरक्षा इंतजामों की क्या भूमिका रही—इन सवालों के जवाब जांच और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी से ही मिल सकेंगे। मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या सामने आने के बाद ही हादसे की वास्तविक गंभीरता का आकलन किया जा सकेगा।
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